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आलोक श्रीवास्तव

स्पंदन डेस्क
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हिंदी और उर्दू में समान रूप से लोकप्रिय साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव की कलम बार-बार चकित करती है. संबंधों और समय दोनों के अंदर आलोक आसानी से दाखिल होते हैं. बड़ी से बड़ी बात जिस सहजता से वे कह जाते हैं, सहसा वाह निकल आती है. आलोक शब्दों के साथ ऐसी ईमानदारी बरतते हैं कि कोई वर्तनी तक शिकायत नहीं कर सकती.
‘स्पंदन’ हिंदी का अनुष्ठान है. जिसमें संस्कार से लेकर सामाजिक व्यवहार तक, लोक-धर्म से लेकर बाहरी दबाव तक – हिंदी अपने बोध के साथ चलती रही है. इस बोध के साथ आलोक कमाल की सावधानी बरतते हैं. आमीन, आफ़रीन और आसान जैसी बेहतरीन और लोकप्रिय पुस्तकों के लेखक आलोक ‘स्पंदन’ के मंच को भी अपनी शब्द-साधक से आलोकित करेंगे.

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